नए साल में पुराने दोस्त ऐसे मिलें जैसे गुजरा जमाना लौट आया हो, एफएमएस के छात्रों का 28 वर्ष बाद पुर्नमिलन 2.0 मनाया
सामाजिक समरसता हमारी मजबूती बनेगी जब हम एक दूसरों के घर आना-जाना शुरू करेंगे, देश सब का है इसे जाति भाषा और धन पर न बांटे – मोहन भागवत