स्कूल जाने योग्य हर बच्चे का शाला में प्रवेश कराएं, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करें- कमिश्नर

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रीवा 17 फरवरी 2026.Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi

कमिश्नर बीएस जामोद ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं की समीक्षा की। बैठक में कमिश्नर ने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के बिन्दुओं की जिलेवार समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी 20 मार्च तक सर्वे का कार्य पूरा कराकर हर बच्चे का चिन्हांकन करें। शाला जाने योग्य हर बच्चे का शाला में प्रवेश कराएं। किसी भी कारण से गत वर्ष शाला त्यागी हो गए बच्चों की ट्रैकिंग करके उनका प्रवेश सुनिश्चित कराएं। यदि किसी बच्चे की समग्र आईडी नहीं है तो भी उसे शाला में प्रवेश देकर आईडी बनाने और दस्तावेज लेने की कार्यवाही करें। शिक्षा विकास की कुंजी है। भावी पीढ़ी को शिक्षित और ज्ञानवान बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। शिक्षित और समझदार बच्चे ही देश के भविष्य का निर्माण करेंगे। बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

       कमिश्नर ने कहा कि नि:शुल्क पुस्तकों के परिवहन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी टेण्डर की कार्यवाही दो दिवस में पूरी कर लें। बालिका शौचालयों के निर्माण तथा सुधार के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग करते हुए आठ मार्च तक निर्माण कार्य पूरे कराएं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी लगातार प्रयास करें। कमिश्नर ने स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन कराकर नियमित जाँच करें। एनिमिक और सीवियर एनिमिक गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जाँच, उपचार तथा आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था करें। आवश्यक होने पर गर्भवती महिलाओं को खून भी चढ़वाएं। एनीमिया के उपचार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। सीधी और सिंगरौली जिले की स्थिति ठीक नहीं है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और एनीमिया प्रबंधन में सुधार करें। पंजीयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करें। आपके द्वारा छोटी सी भूल किसी के लिए प्राणों का संकट बन सकती है। कमिश्नर ने कहा कि शिशु मृत्यु तथा मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना की ऑडिट कराकर कलेक्टर के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करें। क्षयमुक्त भारत अभियान पर भी विशेष ध्यान दें। निक्षय मित्र बनाकर हर क्षय पीड़ित को नि:शुल्क पोषण बास्केट उपलब्ध कराएं। रीवा, सतना तथा सीधी जिले इस पर विशेष ध्यान दें। सिकल सेल एनीमिया की जाँच में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीधी जाँच और उपचार की उचित व्यवस्था करें। हर गर्भवती महिला की सिकल सेल की जाँच अवश्य कराएं।

       कमिश्नर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों से टीएचआर वितरण की जानकारी पोषण ट्रैकर पोर्टल पर दर्ज कराएं। रीवा, सिंगरौली, सीधी, मैहर में स्थिति संतोषजनक नहीं है। कम पोषित बच्चों की परियोजनावार सूची उपलब्ध है। इनका वजन बढ़ाने तथा स्वास्थ्य रक्षा की नियमित व्यवस्था करें। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों के लिए उपलब्ध बिस्तरों में शत-प्रतिशत भर्ती कराएं। केन्द्र से निकलने के बाद बच्चों का तीन महीने तक फालोअप करें। आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्राथमिक स्कूलों के परिसर में स्थानांतरित करने तथा प्री प्राइमरी शिक्षा के लिए भी तत्परता से कार्यवाही करें। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास शशि श्याम उइके, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. सत्यभामा अवधिया, संयुक्त संचालक शिक्षा नीरव दीक्षित तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य जिलों के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।

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