पुलिस की कस्टडी में युवक ने लगा ली फांसी, 2 पुलिस कांस्टेबल सस्पेंड, परिजनो का पुलिस पर गंभीर आरोप

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मध्य प्रदेश में पुलिस की कस्टडी पर युवक ने लगाई फांसी, 2 पुलिस कांस्टेबल सस्पेंड, परिजनो का पुलिस पर गंभीर आरोप

छत्तरपुर 15 फरवरी 2026,Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi

मामला है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का जंहा पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जानकारी के मुताबिक राजनगर थाने में पुलिस कस्टडी मे ही 22 वर्षीय युवक फांसी के फंदे पर झूल गया,इधर युवक का शव फांसी के फंदे पर मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस प्रथम दृष्टया इस मामले को आत्महत्या मान रही है। हालांकि, सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। मृतक की पहचान राजेश पटेल के रूप में हुई है।

पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के बाद से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। और थाना परिसर को सील कर दिया गया है। तथा दो पुलिस कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए हैं। वहीं मृतक युवक के परिजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे पीट-पीटकर मार डाला है। जब कि राजेश के खिलाफ कोई एफआईआर भी नहीं है। इससे बड़ी पुलिस की बर्बरता और क्या हो सकती है..?

युवक को सुबह 10 बजे थाने लेकर गई थी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसपी अगम जैन सहित मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। वहीं एफएसएल टीम ने जांच शुरू कर दी है। तथा थाना परिसर को सील कर दिया गया है, और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मृतक के पिता किशोरी लाल पटेल का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 10 बजे दो पुलिसकर्मी, संजय कुमावत और शिवकुमार पाल, राजेश को घर से थाने ले गए थे।

राजेश छोड़ने के लिए मांगे गए थे 50 हजार रुपये

मृतक के परिजनो का कहना है कि पुलिस राजेश छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रही थी। जिसके बाद गांव व आस-पास के लोगों से पैसे की व्यवस्था भी कर ली गई थी लेकिन बेटे की मौत की सूचना मिली। परिजनों का आरोप है कि राजेश ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है।

पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग

परिजनों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, राजेश पर कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं था। और तो और जिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ा है, उनमें से एक ड्यूटी पर भी नहीं था। और युवक शव उस कमरे के वॉशरूम में मिला है, जहां महिलाओं और बच्चों की सुनवाई होती है।

थाने के बाहर स्थानीय लोगों का प्रदर्शन

राजेश मजदूरी करता था और उसका एक छोटा भाई भी है। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग थाने के बाहर एकत्र हो गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया है। मृतक के एक दोस्त के अनुसार, सुबह दो पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में मोटरसाइकिल से आए थे और बिना कारण बताए राजेश को अपने साथ ले गए।

मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू

एसपी अगम जैन ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा। परिजनों के आरोपों के आधार पर दो कॉस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है और प्रारंभिक जांच दूसरे सब-डिवीजन के एसडीओपी को सौंपी गई है।
इसके अलावा एसपी जैन ने यह भी बताया कि एक महिला द्वारा गलत काम से संबंधित आवेदन दिया गया था। इसकी जांच के तहत युवक को थाने लाया गया था। अन्य जानकारी जांच के बाद स्पष्ट की जाएगी।

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