रीवा कलेक्टर ने गंगेव में की स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा, कहा गलत डाटा दर्ज करना आपराधिक कृत्य और पाप है

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गलत जानकारी दर्ज करने से गर्भवती महिला की जा सकती है जान

रीवा 09 फरवरी 2026, Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गंगेव जनपद कार्यालय सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सूचकांकों को बेहतर करने के लिए लगातार और तत्परता से प्रयास करना आवश्यक है। सभी चिकित्साकर्मी मानवीय संवेदना और सेवाभाव के साथ रोगियों का उपचार करें। एएनएम, आशा कार्यकर्ता के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन कराएं। केवल समग्र आईडी दर्ज करने से ही महिला का पूरा विवरण दर्ज हो जाता है। गर्भवती महिला की समय पर जाँच करें तथा उसके ब्लडप्रेशर, वजन, कद एवं हीमोग्लोबिन की सही जानकारी ऑफलाइन और अनमोल पोर्टल पर दर्ज करें। पोर्टल में यदि गर्भवती महिला की जानकारी दर्ज करने पर लाल अथवा पीला निशान आता है तो घबराएं नहीं। इसके अनुरूप महिला का एनीमिया मैनेजमेंट करें। आपने यदि पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज की तो इससे किसी गर्भवती महिला की जान भी जा सकती है। गलत डाटा दर्ज करना आपराधिक कृत्य और मानवता के प्रति बहुत बड़ा पाप है। पोर्टल में और ऑफलाइन गलत डाटा दर्ज पाए जाने पर एएनएम, सीएचओ और बीएमओ के विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

       कलेक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, स्वास्थ्य जाँच, टीकाकरण, एनीमिया प्रबंधन की जानकारी दी गई है। सीवियर और मॉडरेट एनीमिया की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली उपचार सहायता की भी पूरी जानकारी दी गई है। बीएमओ एक महीने की अवधि में प्रत्येक गर्भवती महिला की जाँच पुन: कराकर तथ्यपरक डाटा ऑफलाइन और ऑनलाइन दर्ज कराएं। अधिकांश मैदानी कर्मचारी अच्छा कर्य कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही के कारण विभाग और जिले की छवि धूमिल हो रही है। पोर्टल में पूरी सावधानी के साथ वास्तविक जानकारी दर्ज करें। बीएमओ और सीएचओ गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और जाँच की सतत निगरानी करें। एनिमिक महिलाओं को आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगवाएं तथा गंभीर स्थिति होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर करके उपचार कराएं।

       प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने कहा कि एएनएम वर्षों से गर्भवती महिलाओं की जाँच कर रही हैं। डाटा फीडिंग में किसी भी तरह की कठिनाई आने पर बीएमओ कार्यालय के डाटा एंट्री आपरेटर की सहायता लें। कोई भी गर्भवती महिला सीवियर एनिमिक मिलती है तो उसकी जानकारी छुपाएं नहीं, उसके उचित उपचार की व्यवस्था करें। गर्भवती महिलाओं के जाँच का विवरण एमसीपी कार्ड में भी अनिवार्य रूप से दर्ज करें। बैठक में डॉ. संदीप पटेल अनमोल पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने का बिन्दुवार प्रशिक्षण दिया। बैठक में एसडीएम मनगवां संजय जैन, सीईओ जनपद प्राची चौबे, डीपीएम राघवेन्द्र मिश्रा, बीएमओ डॉ देववत्त पाण्डेय, सभी सीएचओ तथा एएनएम उपस्थित रहीं।

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