स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, स्कूल वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, एसडीओपी और यातायात टीम जुटी जांच में

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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, स्कूल वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, एसडीओपी और यातायात टीम जुटी  जांच में

मऊगंज, 23 जनवरी 2026, Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi

जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मऊगंज की एसडीओपी सचि पाठक ने कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दलबल के साथ स्वयं मैदान में उतरकर स्कूल बसों एवं शैक्षणिक वाहनों की सघन जांच शुरू की है। इस अभियान का नेतृत्व यातायात प्रभारी नरेश प्रताप सिंह कर रहे हैं, शुरू हुई जांच के बाद स्कूल वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया।

आप को बता दें कि, लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं और स्कूली वाहनों में लापरवाही की शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए यह अभियान चलाया है। इसी क्रम में मऊगंज जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित स्कूल बसों, वैन और अन्य शैक्षणिक वाहनों को रोक-रोक कर उनकी गहन जांच की गई। जांच के दौरान वाहनों की फिटनेस, ब्रेक, टायर, स्टेपनी, फर्स्ट-एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन दरवाजे, वाहन के कागजात, ड्राइवर का लाइसेंस और वर्दी सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

एसडीओपी सचि पाठक ने न सिर्फ वाहन चालकों और संचालकों को नियमों की जानकारी दी, बल्कि मौके पर मौजूद स्कूली बच्चों से भी संवाद किया। उन्होंने बच्चों को यातायात नियमों की अहमियत समझाई और बताया कि सड़क पर चलते समय किन-किन सावधानियों को बरतना चाहिए ताकि वे खुद को दुर्घटनाओं से सुरक्षित रख सकें। बच्चों को हेलमेट, सीट बेल्ट, चलती बस में शोर-शराबा न करने और वाहन में सुरक्षित बैठने जैसे महत्वपूर्ण संदेश भी दिए गए।

जांच के दौरान जिन वाहनों में कमियां पाई गईं, उनके चालकों और संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त समझाइश दी गई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आने वाले समय में चालान, वाहन जब्ती और अन्य कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

पुलिस की इस सक्रियता से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की जांच नियमित रूप से हो तो बच्चों की सुरक्षा काफी हद तक सुनिश्चित की जा सकती है।

बहरहाल, मऊगंज पुलिस की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है और अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण भी। जरूरत है कि इसी तरह पूरे जिले और संभाग में नियमित रूप से स्कूली वाहनों की जांच की जाए, ताकि मासूम बच्चों की जान से कोई खिलवाड़ न कर सके।

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