भारत/नई दिल्ली, 22, जनवरी 2026, Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक और बड़ी जीत, ट्रंप ने कहा पीएम मोदी के लिए बहुत सम्मान है, और हम अच्छी डील करेंगे, ट्रंप का साफ संकेत है

नई दिल्ली, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा संकेत दे दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच ‘शानदार’ व्यापारिक समझौता होगा। यह बात उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच [WEF] में कही है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा है कि पीएम मोदी एक अच्छे इंसान और उनके दोस्त हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच एक अच्छा समझौता होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है। यह दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक है। दोनों देश व्यापार वार्ता जारी रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन, अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक शानदार व्यापारिक समझौते की बड़ी उम्मीद जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपना दोस्त बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता जारी है। अमेरिकी राजदूत ने भी संबंधों पर भरोसा जताया है इससे साफ दिखाई दे रहा है कि मोदी की कूटनीति सफल हुई है।

दवोस में WEF के मौके पर मनीकंट्रोल से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘मैं आपके पीएम का बहुत सम्मान करता हूं। वह एक शानदार व्यक्ति है, और मेरे दोस्त हैं। हम एक अच्छा समझौता करेंगे। ट्रंप ने कहा मैं आपके पीएम नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करता हूं। वह एक शानदार व्यक्ति है और मेरे दोस्त हैं। हम एक अच्छा समझौता करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

सर्जियो गोर भी इस मसले पर दे चुके हैं डील होने के संकेत,
हाल ही में अमेरिका के भारत में नए राजदूत सर्जियो गोर ने अपना पदभार संभाला है। और उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों पर भरोसा जताया और व्यापार वार्ता का पुरजोर समर्थन किया। गोर ने कहा था कि दोनों देश एक समझौते पर पहुंचने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ट्रंप और पीएम मोदी के बीच दोस्ती को सच्चा बताया था। कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति अगले एक-दो साल में भारत आ सकते हैं।
गोर बोले कि भारत-अमेरिका का रिश्ता सिर्फ साझा हितों पर ही नहीं, बल्कि उच्चतम राजनीतिक स्तर की बातचीत पर भी टिका है। उन्होंने यह भी कहा था कि सच्चे साथी कभी-कभी असहमत हो सकते हैं। लेकिन, अंत में वे अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं।
गोर ने कहा था, याद रखिए, भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए इस काम को पूरा करना आसान नहीं है। लेकिन, हम वहां पहुंचने के लिए दृढ़ हैं। जबकि व्यापार हमारे रिश्ते के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हम सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर करना जारी रखेंगे।
गोर ने भी पीएम मोदी की खूब तारीफ की थी। और उन्हें एक असाधारण नेता बताया था। उन्होंने कहा था, ‘मैं राष्ट्रपति के साथ था… और नए साल के ठीक बाद रात के खाने के दौरान उन्होंने यहां अपनी अविश्वसनीय यात्रा का अनुभव सुनाया और भारत के महान प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी शानदार दोस्ती का भी जिक्र किया।’ गोर पहले ट्रंप के करीबी सहयोगी के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, ‘मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर की यात्रा की है और मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती असली है।

लुटनिक के बयान को सिरे से खारिज कर चुका है भारत
इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया था। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात को गलत ठहराया था। और कहा था कि भारत ऐसे व्यापार समझौते के लिए तैयार है जिससे दोनों देशों को फायदा हो।
लुटनिक ने एक पॉडकास्ट में यह भी कहा था कि भारत ने तीन हफ्तों के भीतर ट्रंप से संपर्क न करके ‘ट्रेन मिस कर दी’, जबकि कई अन्य देशों के नेताओं ने ऐसा किया था।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे थे। कई बार समझौता फाइनल होने के करीब था।
भारत और अमेरिका ने पिछले फरवरी में बातचीत शुरू होने के बाद से पांच दौर की आधिकारिक स्तर की वार्ता की है। साथ ही मंत्रिस्तरीय स्तर पर भी चर्चाएं हुई हैं। जायसवाल ने यह भी बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 में आठ बार फोन पर बात की थी। इसमें द्विपक्षीय साझेदारी से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई थी।





