SIR को लेकर पश्चिम बंगाल-राजस्थान समेत 5 राज्यों के लिए नया अपडेट माना जा रहा चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026, Rewadarshannews18

पश्चिम बंगाल, राजस्थान के अलावा पांच राज्यों के आम नागरिकों और मतदाताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। चुनाव आयोग ने ये व्यवस्था दी है कि अगर किसी का नाम एसआईआर वाली लिस्ट में नहीं है तो उनके पास आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पुदुचेरी, गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण [एसआईआर] की समयसीमा बढ़ा दी है। इसके तहत दावा और आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तारीख अब 19 जनवरी कर दी गई है, यह जानकारी एक नोटिफिकेशन में दी गई।
यह निर्णय गुरुवार को एक पत्र के जरिए सूचित किया गया। यह कदम मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की मांगों और सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने को सुनिश्चित करने वाले कारकों पर विचार के बाद लिया गया है।

आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा में बढ़ोतरी करने की दिशा में नोटिफिकेशन जारी कर इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित किया गया है। इसमें आयोग के पहले 27 दिसंबर 2025 के पत्र का भी जिक्र है, जिसमें एसआईआर [विशेष गहन पुनरीक्षण] का कार्यक्रम बताया गया था और 1 जनवरी 2026 को पात्रता तिथि के रूप में तय किया गया था।
अमरावती मनपा चुनाव के बाद 10 दिन का चुनावी शोर खत्म, अब साइलेंट मोड़ पर रणनीति युद्ध जारी है, अब समय सीमा केवल दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि पर लागू होती है। इसका मतलब है कि मतदाताओं के पास अब अपने विवरण की जांच करने, आवश्यक घोषणाओं के साथ फॉर्म 6 भरकर नाम जोड़वाने या आपत्तियां उठाने के लिए अधिक समय है। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इस नोटिफिकेशन को राज्य की राजपत्रों के विशेष अंक में तुरंत प्रकाशित किया जाए और इसकी तीन प्रतियां आयोग के रिकॉर्ड के लिए भेजी जाएं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को कहा गया है कि वे इस विस्तार की जानकारी सभी माध्यमों, जैसे मीडिया, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ), और ऑनलाइन पोर्टल तथा ऐप के जरिए व्यापक रूप से प्रचारित करें। सभी संबंधित अधिकारियों को कहा गया है कि वे संशोधित कार्यक्रम का सख्ती से पालन करें ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।

यह एसआईआर अभ्यास 2026 में पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अपडेट करने का हिस्सा है। इसका उद्देश्य हर योग्य नागरिक को सूची में शामिल करना और गैर-योग्य प्रविष्टियों [जैसे स्थानांतरण, मृत्यु, डुप्लिकेट या अन्य त्रुटियां] को हटाना है।
पहले किए गए संशोधनों में नामांकन की अवधि (ज्यादातर राज्यों में 11 दिसंबर 2025 को समाप्त) और प्रारूपित सूची का प्रकाशन (16 दिसंबर 2025) शामिल था। अंतिम सूची फरवरी 2026 में जारी की जाएगी।
नए और पहली बार वोट डालने वाले योग्य मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे फॉर्म 6 जल्द से जल्द बूथ स्तर के अधिकारियों या ऑनलाइन जमा कर दें। राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है।





