राम मंदिर निर्माण को नई गति, मार्च 2026 तक सभी कार्य पूरे होंगे, जाने क्या क्या और होगा निर्माण
चार किमी बाउंड्री वॉल, वॉच टावर और 300 बेड के कैंसर अस्पताल पर लिए गए अहम फैसले
अयोध्या, 05, जनवरी 2026, Rewadarshannews18

अयोध्या में रविवार को राम मंदिर निर्माण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष शामिल हुए। बैठक के पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने राम मंदिर से जुड़े निर्माण कार्यों की समयसीमा और आगामी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर परिसर से संबंधित सभी निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। कार्यदायी संस्थाएं एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी द्वारा संचालित सभी प्रोजेक्ट तय समय-सीमा के भीतर पूरे होंगे। जो निर्माण कार्य अब तक पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।

मंदिर परिसर की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अभेद्य बनाई जा रही है। परिसर के चारों ओर लगभग चार किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस दीवार में अत्याधुनिक सुरक्षा और निगरानी उपकरण लगाए जा रहे हैं, ताकि हर गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा सके। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए परिसर में चार वॉच टावर भी बनाए जाएंगे, जिनके डिजाइन और मॉडल को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि गेट नंबर 11, जिसे आदि शंकराचार्य द्वार नाम दिया गया है, का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और यहां आधुनिक सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह स्थापित कर दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गेट नंबर 3 के निर्माण की भी जल्द शुरुआत की जाएगी। सुरक्षा से जुड़े कुछ अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनका विवरण फिलहाल गोपनीय रखा गया है, ताकि किसी प्रकार की चूक न हो।

श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए मंदिर परिसर में सप्त ऋषियों के मंदिर के दर्शन की व्यवस्था भी शीघ्र शुरू की जाएगी। इससे भक्तों को दर्शन के साथ-साथ बेहतर मार्गदर्शन और सुव्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। निर्माण समिति का लक्ष्य है कि दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित बने।
बैठक में टाटा फाउंडेशन की ओर से प्रस्तावित 300 बेड के कैंसर अस्पताल को लेकर भी अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है। इस अस्पताल के निर्माण से न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को, बल्कि अयोध्या के स्थानीय नागरिकों को भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके अतिरिक्त, राम मंदिर परिसर में शहीद कारसेवकों की स्मृति में हुतात्मा स्मारक का निर्माण भी प्रगति पर है। यात्रियों के लिए सामान रखने के हॉल और पुराने अस्थायी मंदिर—जहां पहले रामलला विराजमान थे—के निर्माण कार्य को भी मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के साथ अयोध्या में धार्मिक, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का एक समग्र और आधुनिक स्वरूप सामने आएगा।





