भोपाल मेट्रो को नहीं मिल रहे हैं पैसेंजर, माना जा रहा बड़ा झटका सुबह की जगह दोपहर में चलाने का फैसला
भोपाल, 04 जनवरी 2026, Rewadarshannews18

भोपाल मेट्रो को शुरू होते ही बड़ा झटका लगा है, कुछ ही दिन पहले ही इसका शुभारंभ हुआ हैं, लेकिन यात्रियों की कमी के चलते मेट्रो प्रबंधन ने समय-सारणी बदलने का फैसला लिया है, और 5 जनवरी से मेट्रो सुबह की बजाय दोपहर 12 बजे से चलेगी. लगातार घटती टिकट बिक्री के बाद ट्रिप की संख्या 17 से घटाकर 13 कर दी गई है।
प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू हुई भोपाल मेट्रो ट्रेन को शुरुआती दिनों में ही यात्रियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे बन गए हैं कि मेट्रो प्रबंधन को दूसरे ही सप्ताह में समय-सारणी बदलने का फैसला लेना पड़ा है. अब भोपाल मेट्रो सुबह की बजाय दोपहर 12 बजे से चलेगी. नई समय-सारणी 5 जनवरी से लागू होगी.

भोपाल वासियों को कई सालों के इंतजार के बाद मेट्रो ट्रेन की सौगात मिली थी. 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हरी झंडी दिखाकर भोपाल मेट्रो की शुरुआत की थी, इसके अगले दिन, 21 दिसंबर से आम नागरिकों के लिए पहला कमर्शियल रन शुरू हुआ
’14 की उम्र से देखे देह के ग्राहक, अब उस देहरी कभी नहीं लौटूंगी’
शुरुआती उत्साह जरूर देखने को मिला. 21 दिसंबर को मेट्रो के टिकटों की बिक्री करीब 2.5 लाख रुपये तक पहुंची थी. दूसरे दिन यह आंकड़ा घटकर 89 हजार रुपये रह गया. इसके बाद लगातार यात्रियों की संख्या दिन-ब-दिन कम होती चली गई. हालात यह हो गए कि सुबह के समय मेट्रो ट्रेनें लगभग खाली चलने लगीं.
यात्रियों की इस कमी को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन ने समय में बड़ा बदलाव किया है. अब भोपाल मेट्रो 5 जनवरी से दोपहर 12:00 बजे AIIMS मेट्रो स्टेशन से रवाना होगी. यह ट्रेन अलकापुरी स्टेशन, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा और केंद्रीय विद्यालय होते हुए अंतिम स्टेशन सुभाष नगर पर 12:25 बजे पहुंचेगी.
भोपाल मेट्रो के PRO अरविंद सोनी ने बताया कि लगातार यात्रियों की संख्या घट रही है और खासतौर पर सुबह के समय ट्रेन में पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं. इसी वजह से प्रबंधन ने ट्रिप की संख्या भी घटाने का निर्णय लिया है. जहां शुरुआत में मेट्रो के लिए 17 ट्रिप की समय-सारणी बनाई गई थी, वहीं अब इसे घटाकर 13 ट्रिप कर दिया गया है.
मेट्रो प्रबंधन का मानना है कि फिलहाल दोपहर के समय यात्रियों की संभावित संख्या को देखते हुए यह फैसला जरूरी था. हालांकि, भोपाल मेट्रो को लेकर किए गए दावों और जमीनी हकीकत के बीच यह अंतर अब सवाल खड़े कर रहा है कि क्या भोपाल वासी मेट्रो को अपनी रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा बना पाएंगे या नहीं।





