सरपंच-सचिव समेत चार को 10 साल की सजा, लाखों की हेराफेरी आ गई सामने, भ्रष्टाचार के मामले में विशेष न्यायालय का बड़ा फैसला।
हरदा, 04, जनवरी 2026, Rewadarshannews18

हरदा में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर भ्रष्टाचार के मामले में चार लोगों को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जिले में भ्रष्टाचार के मामलों में यह अब तक का सबसे बड़ा फैसला माना जा रहा है।
अपर लोक अभियोजक विपिन सोनकर के अनुसार, यह मामला खिरकिया विकासखंड की ग्राम पंचायत कालधड़ से जुड़ा है। इसमें सरपंच रामवती भुसारे, तत्कालीन सचिव हरिहर शर्मा, वर्तमान सचिव स्वाति सोनी और सहायक सचिव प्रतिमा आठनेरे ने मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान और मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर राशि निकाली थी।
इस संबंध में सुजीत कीर नाम के व्यक्ति ने छीपापाड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने मृत व्यक्तियों के नाम पर और उन महिलाओं के नाम पर भी राशि निकाली, जिनकी शादी होकर वे गांव से बाहर जा चुकी थीं। मस्टर रोल में फर्जी मजदूरी दिखाकर यह भ्रष्टाचार किया गया।
सुजीत कीर ने पहले एसडीएम खिरकिया और जिला पंचायत में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने थाने में मामला दर्ज कराया। जांच के दौरान नायब तहसीलदार और खंड पंचायत अधिकारी की रिपोर्ट में ग्राम पंचायत कालधड़ के सरपंच, सचिव और सहायक सचिव द्वारा किए गए कार्यों में अनियमितताएं पाई गईं।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस विवेचना में फर्जी मजदूरों की सूची, फर्जी मस्टर रोल की छायाप्रतियां और बसंती बाई का मृत्यु प्रमाण पत्र जब्त किया गया।
सचिव हरिहर शर्मा को धारा 420 और 409 के तहत दस-दस साल के सश्रम कारावास और छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, सहायक सचिव प्रतिमा आठनेरे, सरपंच रामवती बाई भुसारे और वर्तमान सचिव स्वाति सोनी को धारा 409 और 476 के तहत पांच हजार रुपए के जुर्माने के साथ छह महीने के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा मिली है।





