रायसेन- 31 दिसंबर 2025, Rewa darshan news

मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना की नींव रखने वाले पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर चर्चा में है, और वह चर्चा में इस लिए आए क्योंकि उन्होंने अब की लाड़ला भांजा योजना पर बात शुरू की है।
केंद्रीय कृषि एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर वादा किया है कि वह लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर ही लाड़ला भांजा योजना लेकर आएंगे। शिवराज सिंह रायसेन में एक कॉलेज के स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए ये बात कही है । जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
आपको बता दें कि लाड़ली बहना योजना का सफल प्रयोग मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने ही किया था, जो पार्टी के लिए बड़ा गेम चेंजर सिद्ध हुआ। देशभर में ये पहली ऐसी योजना है, जिससे अन्य राज्य भी काफी प्रभावित हुए। तथा इस योजना को कई राज्यों ने भी प्रयोग किया। देशभर के लिए यह योजना प्रेरणा बनी, इस योजना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर बयान दिया और चर्चा में आ गए हैं।

कॉलेज स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि यहां ‘भांजे-भांजियां दोनों बैठे हैं। भांजे कह रहे थे- मामा, लाड़ला भांजा योजना बना दो।’ शिवराज ने आगे कहा कि मैं लाड़ला भांजा योजना को लेकर दोनों सरकारों से बात करुंगा। शिवराज सिंह के इस बयान से प्रदेश की राजनीतिक में खलबली मच गई। वहीं सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोगों ने कहा कि पहले जो लाड़ली बहनें अब तक लाड़ली बहना योजना से नहीं जुड़ सकी हैं, उनके नाम जोड़ लीजिए। तो किसी ने लिखा लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपए कर दीजिए।

शिवराज ने की मोहन यादव की तारीफ
इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मोहन यादव बेहद तेज गति से काम कर रहे हैं। शिवराज ने कहा कि ‘उनमें मुझसे भी कई गुना ज्यादा ऊर्जा है। उनकी ऊर्जा लगातार बढ़े, यही नहीं उन्होंने मोहन यादव के लिए ये यह भी कहा कि ‘वे प्रदेश की बेहतर सेवा करते रहें।’
बता दें कि इस कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने बड़े ही हल्के-फुल्के अंदाज में लाड़ला भांजा योजना का जिक्र किया था। जिसे सुनते ही वहां उपस्थित स्टूडेंट्स और अन्य दर्शक ठहाके लगाते हुए हंसने लगे। कुल मिलाकर, शिवराज सिंह चौहान का यह बयान भले ही मजाक के तौर पर आया हो, लेकिन इनके इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे सुर्खियों में रहने का मौका कभी कभी नहीं छोड़ते।





