Rewa darshan news रीवा 30 दिसम्बर 2025.
जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता है।

भू जल के लगातार उपयोग से भू जल स्तर में तेजी से गिरावट हुई है। रीवा संभाग के कई गांवों में गर्मियों में पेयजल के लिए कठिनाई होती है। ऐसे गांव का चिन्हांकन करके उन्हें जल स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। पेयजल समस्यामूलक गांवों में जल संरक्षण, जल संवर्धन तथा जल प्रबंधन के कार्य करके इन्हें दो वर्षों में जल स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।

रीवा संभाग में 20 गांवों को जल स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें रीवा जिले के 6 गांव ग्राम गड्डी, गंगेव, थनवरिया, छदहना, गोरगांव 164 तथा लादझिरिया शामिल हैं। मऊगंज जिले के सीतापुर, पिपराही तथा बहुती एवं सतना जिले के ग्राम झरी, माधवगढ़ एवं आमा को जल स्वावलंबी गांव के रूप में चिन्हित किया गया है। सीधी जिले में ग्राम बीछी पतेर, हर्दी, निधिपुरी, नमानगर तथा रतवार गांव का चिन्हांकन किया गया है। सिंगरौली जिले में ग्राम उतानीपाठ, परमा एवं खम्हरिया कला को जल स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन गांवों में विभिन्न विभागों की योजनाओं से जल संरक्षण के कार्य तथा वृक्षारोपण के कार्य कराए जा रहे हैं।





