Rewa darshan news रीवा, 30 दिसंबर 2025,

एजेण्डा बिन्दुओं पर तत्परता से कार्यवाही कर प्रतिवेदन दें – प्रभारी कलेक्टर
मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण पर नियंत्रण के लिए संवेदनशीलता से प्रयास करें
रीवा कलेक्ट्रेट स्थित बाणसागर सभागार में आयोजित बैठक में प्रभारी कलेक्टर डॉ सौरभ सोनवणे ने कलेक्टर कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं में कार्यवाही की समीक्षा की। प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि कमिश्नर्स और कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं में की गई कार्यवाही की उच्च स्तर से निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी अधिकारी अपने विभाग से संबंधित बिन्दुओं पर तत्परता से कार्यवाही करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जिले के विकास से संबंधित ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना, विधानसभा क्षेत्र विकास के लिए बनाई गई कार्य योजना तथा वर्ष 2047 तक विकसित जिला बनाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विभाग की तीन वर्ष की कार्ययोजना बनाएं। इस कार्ययोजना के वर्षवार लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूरा करें। इसमें किसी तरह की कठिनाई होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराएं। विभागीय समीक्षा बैठकों का नियमित रूप से आयोजन करें। सभी अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करके विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करें। क्षेत्र में भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र, अस्पताल, स्कूल तथा छात्रावासों का सामान्य रूप से निरीक्षण करके साप्ताहिक टीएल बैठक में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

बैठक में डॉ सोनवणे ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास महिलाओं और शिशुओं की स्वास्थ्य रक्षा के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करें। मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर तथा कुपोषण पर नियंत्रण के लिए संवेदनशीलता से कार्यवाही करें। हर महीने प्रसव के दौरान हुई मौत की घटनाओं की ऑडिट कराकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। प्रत्येक गर्भवती महिला को यदि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने केन्द्र में ही आयरन की गोली खिला दे तो एनीमिया पर पूरा नियंत्रण हो सकता है। आमजनता के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े सूचकांकों में तथ्यपूर्ण जानकारी दें। गंभीर रूप से एनिमिक गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाने तथा अतिरिक्त खून चढ़ाने की संवेदनशीलता से मॉनीटरिंग करें।

प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का पंजीयन कराकर उनकी फसल का प्रमाणीकरण कराएं। नरवाई जलाने की घटना रोकने के लिए प्रभावी उपाय करें। प्रत्येक हार्वेस्टर में नरवाई प्रबंधन अनिवार्य रूप से कराएं। इसका पालन न करने वालों पर जुर्माने की कार्यवाही करें। नरवाई जलाने वाले किसानों पर भी जुर्माने की कार्यवाही करें। उप संचालक पशुपालन नए मिल्करूट बनाएं तथा नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कराकर दूध के संकलन में वृद्धि कराएं। रोजगारमूलक सभी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्य 15 जनवरी तक पूरा करें। अग्रणी बैंक प्रबंधक उद्यम क्रांति योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना के अमान्य प्रकरणों की बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में समीक्षा कराएं। यदि प्रकरण गलत तरीके से अमान्य किया गया है तो बैंक शाखा प्रबंधक पर कार्यवाही करें।

प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा कार्यपालन यंत्री पीएचई 25 जनवरी तक शेष नलजल योजनाओं का कार्य पूरा कराकर उन्हें 26 जनवरी को समारोहपूर्वक ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर कराएं। समारोह में कम से कम 150 नलजल योजनाओं को हैण्डओवर करें। सभी बहुमंजिला भवनों में निर्माण की अनुमति के साथ फायर सेफ्टी के लिए भी आवेदन कर दें। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों का कठोरता से पालन कराएं। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा सुशासन के प्रयासों की जानकारी दी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने बताया कि जिले में आठ गांवों को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिले में 101 गौशालाएं वर्तमान में संचालित हैं। बैठक में बताया गया कि खाद वितरण के लिए एक जनवरी से ई टोकन की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसमें किसान अपनी सुविधा से स्लॉट बुक करके निर्धारित वितरण केन्द्र से खाद प्राप्त कर सकता है। जिले में दो नए मिल्करूट बना लिए गए हैं। दूध संकलन में गत दो महीने में तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कामधेनु योजना से 13 आवेदन पत्र स्वीकृत हो गए हैं। जिले के 50 गांवों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षीरधारा योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 101 औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए निवेश अनुबंध पत्र किए गए थे। इनमें से 21 इकाईयाँ स्थापित हो गई हैं तथा 8 में उत्पादन शुरू हो गया है। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।






