09,जून 2026,Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi
भाजपा प्रत्याशी महेश केवट द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति में आरोप लगाया गया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में तेलंगाना में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण की जानकारी का उल्लेख नहीं किया। जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी ने आपत्ति को स्वीकार करते हुए नामांकन को निरस्त कर दिया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक प्रत्याशी को अपने नामांकन पत्र एवं शपथ पत्र में सभी आवश्यक जानकारियां पूर्ण एवं सत्य रूप से प्रस्तुत करनी होती हैं। लोकतंत्र में पारदर्शिता सर्वोपरि है और तथ्यों को छिपाने की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती।
मध्य प्रदेश में भाजपा ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि वह पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के उपरांत भारतीय जनता पार्टी के तीनों राज्यसभा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गए। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता एवं संवैधानिक मूल्यों की विजय का प्रतीक है।



