05 जून 2026.Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi
मऊगंज की रहने वाली NEET स्टूडेंट आकांक्षा चतुर्वेदी का मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। नागपुर में रहकर तैयारी कर रही आकांक्षा ने 20 मई को पेपर लीक और परिवार की आर्थिक तंगी से परेशान होकर यह कदम उठाया। 21 मई से ही परिवार शोक में डूबा है, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि करीब 16 दिन बाद मऊगंज जिला प्रशासन कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार परिवार से मिलने गांव पहुंचा।
परिवार का आरोप है कि जब तक यह मामला देशभर में चर्चा में नहीं आया, तब तक प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। अब जब मामला सुर्खियों में आया, तब अधिकारी गांव पहुंचे। आकांक्षा के परिवार पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज है। कांग्रेस की ओर से करीब ढाई लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। वहीं राहुल गांधी भी लगातार इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाकर सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
परिजनों का दर्द साफ है “बेटी चली गई, लेकिन सरकार हमारा हाल तक जानने नहीं आई।”



