03,जून 2026.Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi
मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में निवासरत सरस्वती गुप्ता (82 वर्ष), पिता स्व. जगदीश गुप्ता के निधन के उपरांत उनका देहदान श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय (एसएसएमसी) रीवा को किया गया। परिजनों की सहमति से किए गए इस महादान से मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध कार्यों में सहायता मिलेगी।
देहदान की प्रक्रिया के दौरान भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, दिवंगत महिला की बेटी एवं दामाद सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में प्रशासन द्वारा दिवंगत महिला को सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उपस्थित लोगों ने देहदान को मानवता की सेवा का सर्वोच्च कार्य बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों ने बताया कि उनके परिवार में पहले भी कई सदस्यों द्वारा देहदान किया जा चुका है और वे इस परंपरा को समाज सेवा के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरस्वती गुप्ता ने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था, जिसे उनके निधन के बाद पूरा किया गया।
इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने बताया कि भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम से यह पांचवां देहदान है। उन्होंने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होता है।
उन्होंने समाज के लोगों से देहदान के प्रति जागरूक होने और इस पुनीत कार्य में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद भी व्यक्ति का शरीर चिकित्सा विज्ञान और मानवता की सेवा में योगदान दे सकता है, इसलिए देहदान को महादान कहा जाता है।

श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा में 82 वर्षीय सरस्वती गुप्ता के देहदान के अवसर पर गार्ड ऑफ ऑनर देते पुलिसकर्मी, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ सुनील अग्रवाल, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ प्रभाकर चतुर्वेदी, सचिव राजेंद्र पांडे, एनाटॉमी विभाग की एचओडी डॉ मेघना एवं दामाद हरिश्चंद्र गुप्ता उनकी बेटी केतकी गुप्ता सहित अन्य परिजन एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारी व मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर उपस्थित रहे।



