भोपाल, 02,जून 2026,Rewadarshannews18 Upendra Dwivedi
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार अब कुछ ही दिन दूर रह गया है। मंडलों आयोगों के साथ ही प्राधिकरणों में लगभग नियुक्तियों हो चुकी है और 5 राज्यों के चुनावी परिणाम भी आ चुके हैं। अब सिर्फ कैबिनेट विस्तार का काम ही प्रदेश में रह गया है। जानकारी है कि दिल्ली से ग्रीन सिग्नल मिलते ही करीब 5 से 6 मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि 5 से 6 नए चेहरों को जगह मिलेगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरों और केंद्रीय नेतृत्व से लगातार मुलाकातों के बाद अब कैबिनेट विस्तार और फेरबदल का रास्ता साफ हो गया है। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद बनने जा रही नई कैबिनेट में बड़ा उलटफेर होने के आसार हैं।
बताया जा रहा है कि इस महीने के अंत मे यह विस्तार हो सकता है। खबर है कि इस बड़े फेरबदल में अच्छी परफार्मेंस न देने वाले 5 से 6 मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है, जबकि 5 से 6 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।
इन मंत्रियों पर मंडरा रहा है खतरा
खबर है कि पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को राज्यसभा भेजा जा सकता है, जबकि मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को केंद्र में संगठन की बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह की कुर्सी पर भी वैसे खतरा बताया जा रहा है। विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, राधा सिंह और प्रतिमा बागरी पर भी गाज गिर सकती है।
इनको मौका मिलने की उम्मीद
वहीं दूसरी ओर नए चेहरों की बात करें तो सागर से शैलेंद्र जैन या प्रदीप लारिया में से किसी एक को मौका मिल सकता है। बुंदेलखंड से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का नाम भी रेस में है, जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी की वापसी की भी उम्मीद है।
इसके साथ ही खबर ये भी है कि इस बार मंत्रियों के चेहरे ही चेंज नहीं होगें, लेकिन मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किए जाने के संकेंत है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट की संख्या 31 है, लेकिन अभी 4 खाली चल रहे हैं।



